1. ‘कलम-दवात’ के वंशजों ने बिखेरे प्रेम और सौहार्द के रंग
Koderma
कोडरमा। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की कोडरमा जिला इकाई के तत्वावधान में झुमरी तिलैया स्थित झुमरी तिलैया के एक निजी विद्यालय, कौटिल्य अकादमी परिसर में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ रंगों के त्योहार का स्वागत किया।
🌼 कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
🪔 भगवान चित्रगुप्त की वंदना
समारोह की शुरुआत कायस्थ समाज के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित सदस्यों ने समाज की उन्नति और खुशहाली की कामना की।
🎨 अबीर-गुलाल का संगम
समाज के बड़े-बुजुर्गों और युवाओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। पूरा परिसर ‘होली है’ के जयघोष और पारंपरिक फगुआ गीतों से गूंज उठा।
🎭 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। होली के भजनों और लोकगीतों पर लोग झूमते नजर आए।
🍘 पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
समारोह में आए अतिथियों के लिए पुआ-पकवान समेत पारंपरिक व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया।
🤝 एकजुटता और सामाजिक संदेश
जिला अध्यक्ष आनंद मोहन वर्मा और झारखंड आंदोलनकारी संतोष सहाय समेत अन्य वक्ताओं ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं।
वक्ताओं ने शिक्षा, संगठन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कायस्थ समाज की भूमिका को और मजबूत करने का आह्वान किया।
“होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, एकजुटता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।”
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभी ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित होली मनाने का संकल्प लिया।
Comments
0 comment