UPI का दुनिया में जलवा | सालाना 170 अरब ट्रांजेक्शन | डिजिटल पेमेंट में भारत नंबर वन?
New Delhi
नई दिल्ली: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम Unified Payments Interface (UPI) आज वैश्विक स्तर पर मिसाल बन चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में हर साल 170 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन UPI के जरिए हो रहे हैं, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में शामिल करता है।
UPI को भारतीय रिजर्व बैंक और National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा विकसित किया गया था। इसकी खासियत है—तेज, सुरक्षित और आसान लेनदेन। मोबाइल नंबर या QR कोड के जरिए सेकंडों में भुगतान संभव है।
क्यों खास है UPI?
24x7 रियल-टाइम पेमेंट सुविधा
बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर में कोई झंझट नहीं
छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापार तक व्यापक उपयोग
विदेशों में भी UPI आधारित भुगतान की शुरुआत
वैश्विक विस्तार
भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल में कई देश दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कुछ देशों में UPI आधारित भुगतान सुविधा शुरू हो चुकी है, जिससे भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को सुविधा मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI ने नकद रहित अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत को नई पहचान दिलाई है और डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती दी है।
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